Contract Employees Regularization Update: लाखों संविदा कर्मचारियों के लिए आज का यह दिन काफी महत्वपूर्ण है जो कि वर्षों से अस्थाई व्यवस्था के बीच अपनी पूरी जिम्मेदारी से विभागों में कार्य कर रहे थे। उनके लिए यह अत्यंत ही खुशी की खबर है कि उनका भी अब भविष्य सुरक्षित की ओर बढ़ चुका है और काफी लंबे समय से संविदा कर्मचारी अपनी स्थाई किए जाने की मांग और वेतन बढ़ाई जाने की मांग कर रहे थे जो कि यह फैसला उनके लिए एक नई उम्मीद की किरण आ चुकी है।
अगर आप भी एक संविदा कार्यकर्मी है या फिर आपके घर परिवार में कोई मित्र या परिचित में कोई इस श्रेणी के अंतर्गत है तो आपके लिए फैसला काफी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह निर्णय संविदा कर्मियों की वर्षों पुरानी मांगो पीड़ा को समझते हुए सरकार का महत्वपूर्ण निर्णय है। यानी कि सीधे उनका स्थाई किए जाने और मानदेय व वेतन बढ़ाए जाने को लेकर महत्वपूर्ण फैसला है। संविदा कर्मियों के नियमित किए जाने को लेकर पूरी जानकारी बताई गई है। सरकार का आखिर क्या निर्णय है यह जान लेना आवश्यक है।
संविदा कर्मियों के हित में सरकार का बड़ा फैसला
सरकार के द्वारा विभिन्न प्रकार के विभागों में लंबे समय से जो कार्यरत संविदा कर्मी है इनको नियमित किए जाने की प्रक्रिया शुरू कर दिया गया है। हालांकि चंडीगढ़ सरकार के माध्यम से सबसे पहले यहां निर्णय लिया गया है कि वहां के संविदा कर्मी है उनके मानदेय को बढ़ाया जाएगा और उनका नियमित कर्मचारी माना जाएगा। भारत में ढेर सारे राज्य हैं और ढेर सारे राज्य में ढेर सारे विभागों में बहुत से संविदा कर्मी तैनात है हालांकि सभी राज्यों के संविदा कर्मी अपने स्थाई किए जाने की मांग कर रहे हैं लेकिन कुछ विभिन्न राज्यों में कुछ संविदा कर्मियों को स्थाई किए जाने का निर्णय लिया गया है तो अभी बहुत से राज्य है जहां पर संविदा कर्मी स्थाई किए जाने की मांग अभी भी कर रहे हैं।
मध्य प्रदेश में संविदा कर्मियों ने स्थाई किए जाने की मांग की
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित सतपुड़ा भवन की बात किया जाए तो यहां पर कर्मचारी संगठनों के माध्यम से प्रदर्शन किया गया और कर्मचारियों कि यह मांग है कि 3 वर्ष तक 70, 80, 90% वेतन दिए जाने वाले जो 6 वर्ष पुराने आदेश को निरस्त किया जाए और 11 सूत्री मांगों को लेकर इन कर्मचारियों के माध्यम से प्रश्न किया गया है। कर्मचारी संघ ने कहा है कि आउटसोर्स व संविदा कर्मचारियों को सरकार परमानेंट करें सबसे प्रमुख मांग यही कर्मचारियों की रही है कर्मचारियों ने यह कहा सरकार अगर कर्मचारियों की मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो आंदोलन और उग्र हो सकता है इस प्रदर्शन के दौरान भोपाल समेत अन्य जिलों के नाम का जो ज्ञापन है उसे सौंपते हुए कर्मचारियों की समस्याओं को सरकार को अवगत कराया जाएगा।
एमपी में संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण हेतु देनी पड़ेगी परीक्षा
मध्य प्रदेश के जितने भी सरकारी विभाग हैं लंबे समय से कार्यालय जितने भी संविदा कर्मी है उनके सामने एक नया चुनौती खड़ा हो चुका है। पिछले 10 से 15 वर्षों के दौरान विभिन्न प्रकार के विभागों में यह सेवा दे रहे थे और प्रदेश के करीब 250000 ऐसे संविदा कर्मी है जो की नियमिती करण हेतु परीक्षा के संकट से अब यह पूरी तरीके से जूझ रहे हैं राज्य सरकार के द्वारा हाल ही में नई नीति के तहत नियमित अभ्यर्थियों को संविदा कर्मियों हेतु 20% आरक्षण का प्रावधान कर दिया गया है। लेकिन इसके साथ यहां पर एक शर्त यह जोड़ा गया है कि संविदा कर्मियों को कर्मचारी चयन मंडल की जो परीक्षा इसमें कम से कम 50% अंक हासिल करना होगा तभी उनका नियमितीकरण संभव हो पाएगा।
संविदा कर्मियों के द्वारा यह कही गई बात
संविदा कर्मियों को यहां पर यह कहना है कि यह जो नियम है अनुचित व पूरी तरीके से व्यावहारिक है कई कर्मचारी 50 वर्ष की उम्र को पार कर गए हैं अब उनके लिए परीक्षा देना मुश्किल हो चुका है। उन्होंने पहले ही विभाग की परीक्षा को पास करके नियुक्ति पाया था अब वर्षों से वह सेवा दे रहे हैं नई पीढ़ी के युवाओं से प्रतिस्पर्धा संविदा कर्मचारियों के लिए काफी मुश्किल भरा है। संविदा कर्मचारियों ने सरकार से मांग की और चेतावनी दिया किस संशोधन अगर नहीं हुआ तो उग्र आंदोलन हो सकता है।
उत्तराखंड के यह संविदा कर्मचारी किए जाएंगे नियमित
उत्तराखंड के जो दैनिक वेतन कार्य प्रभावित और संविदा व नियत वेतन व अंशकालिक व तड़ित रूप में नियुक्त कर्मचारी हैं उनकी मांगे पूरी हो चुकी है और सरकार के माध्यम से इनको काफी बड़ी खुशखबरी दे दी गई है। शासन के द्वारा शुक्रवार को उनके लिए विनियमितीकरण संशोधन नियमावली 2025 का जो अधिसूचना है वह जारी कर दिया है और जिसके तहत 10 वर्ष सेवा वाले जो कार्मिक है वह उनका नियमित किया जाएगा प्रदेश में नियमितीकरण की लड़ाई काफी लंबे वक्त से चल रहा है जो की नियमितीकरण की नियमावली को मंजूरी दे दिया गया अब तो उत्तराखंड के संविदा कर्मचारियों को नियमित किए जाने वाला है।

